नई दिल्ली | मानवाधिकार कार्यकर्ता हर्ष मंदर ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कराने की मांग करते हुए दिल्ली पुलिस को एक शिकायत सौंपी है। अपनी शिकायत में हर्ष मंदर ने आरोप लगाया है कि संवैधानिक पद पर रहते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा देश की अल्पसंख्यक मुस्लिम आबादी के ख़िलाफ़ नफ़रत भरी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। हर्ष मंदर के अनुसार, इस तरह के बयान न केवल सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुँचाते हैं, बल्कि संविधान में निहित समानता और भाईचारे के मूल्यों के भी ख़िलाफ़ हैं। उन्होंने कहा कि एक नागरिक और मानवाधिकार कार्यकर्ता के रूप में ऐसे बयानों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाना उनका कर्तव्य है।
इन आरोपों के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक सार्वजनिक बयान में प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह हर्ष मंदर के ख़िलाफ़ सौ से अधिक एफ़आईआर दर्ज करवा देंगे। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज़ हो गई है। हर्ष मंदर ने मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया पर कहा कि एफ़आईआर की धमकियों से उनकी आवाज़ नहीं रुकेगी और वह लोकतांत्रिक मूल्यों तथा अल्पसंख्यकों के अधिकारों के पक्ष में अपनी बात कहते रहेंगे।
